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RBI MPC: ब्याज दर में बदलाव ना होने का आपकी होम लोन की EMI पर क्या होगा असर, बढ़ेगी तो नहीं?

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड February 06, 2026, 11:27 IST

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सारांश

आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने तीन दिनों की बैठक के बाद ब्याज दरों को न बदलने का फैसला किया है। इसका सीधा फायदा उन ग्राहकों को मिलेगा जिन्होंने बैंक से कर्ज लिया हुआ है। रेपो रेट स्थिर रहने से बैंकों के कर्ज देने की लागत नहीं बढ़ेगी, जिससे आम आदमी की ईएमआई फिलहाल पुरानी दरों पर ही टिकी रहेगी।

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आरबीआई के रेपो रेट को स्थिर रखने का फैसला लिया है।

भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक के बाद एक बार फिर रेपो रेट को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने ऐलान किया है कि रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर ही स्थिर रखा जाएगा। यह फैसला 4 से 6 फरवरी तक चली लंबी चर्चा के बाद सर्वसम्मति से लिया गया है। इस खबर के आते ही उन लोगों ने राहत की सांस ली है जिन्होंने बैंक से कर्ज ले रखा है या जो नया घर खरीदने की योजना बना रहे हैं। बाजार में इस बात की चर्चा काफी तेज थी कि शायद इस बार ब्याज दरों में कोई फेरबदल हो सकता है, लेकिन आरबीआई ने फिलहाल पुरानी स्थिति को ही बरकरार रखने का मन बनाया है।

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होम लोन लेने वालों के लिए क्या हैं इसके मायने?

मौजूदा होम लोन लेने वालों के लिए यह खबर किसी बड़ी राहत से कम नहीं है। आरबीआई द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने का सीधा मतलब यह है कि आपकी मौजूदा ईएमआई यानी मासिक किश्त में अभी कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। अगर रेपो रेट बढ़ जाता, तो बैंक भी अपने कर्ज की दरें बढ़ा देते और आपकी जेब पर बोझ बढ़ जाता। इस फैसले ने उन मध्यमवर्गीय परिवारों को बड़ी चिंता से बचा लिया है जिनका बजट हर महीने की किश्त पर टिका होता है। फिलहाल के लिए आपकी मासिक किश्तें जस की तस बनी रहेंगी, जिससे आपको अपने अन्य खर्चों को मैनेज करने में आसानी होगी।

नए कर्जदारों के लिए बेहतरीन मौका

अगर आप इन दिनों नया होम लोन लेने की सोच रहे हैं, तो यह समय काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। ब्याज दरें स्थिर होने की वजह से बैंक अपने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कई तरह के ऑफर दे सकते हैं। नए उधारकर्ताओं के लिए यह सही समय है कि वे अलग-अलग बैंकों के लोन ऑफर्स की तुलना करें। अगर आपको डर है कि आने वाले समय में ब्याज दरें बढ़ सकती हैं, तो आप फिक्स्ड रेट यानी स्थिर ब्याज दर वाले विकल्पों पर भी विचार कर सकते हैं। इससे आप भविष्य में होने वाली किसी भी संभावित बढ़ोतरी से सुरक्षित रह सकेंगे और आपका वित्तीय नियोजन भी बिगड़ेगा नहीं।

आपकी EMI पर कैसे पड़ता है असर

आजकल ज्यादातर नए होम लोन रेपो रेट से जुड़े होते हैं, जिसे एक्सटर्नल बेंचमार्क लिंक्ड लेंडिंग रेट या ईबीएलआर कहा जाता है। चूंकि आरबीआई ने रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर ही रखा है, इसलिए बैंकों की ब्याज दरों में भी कोई बदलाव नहीं होगा। इसका प्रभावी असर यह होगा कि आपकी किश्तें भी स्थिर रहेंगी। जब आरबीआई रेपो रेट बढ़ाता है, तो बैंकों के लिए पैसा जुटाना महंगा हो जाता है और वे इसका बोझ ग्राहकों पर डाल देते हैं। लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं होने वाला है, जो एक सुखद संकेत है।

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लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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