पर्सनल फाइनेंस
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3 min read | अपडेटेड February 04, 2026, 19:18 IST
सारांश
अब नियोक्ता योगदान को ₹7.5 लाख प्रति वर्ष की सीमा के तहत रखा जाएगा। इससे पहले Schedule XI में कई प्रतिबंध थे। टैक्स शर्तें और प्रतिबंध हटा दिए गए हैं जिससे नियोक्ता अब अधिक लचीलापन के साथ अपनी कंपेंसेशन स्ट्रक्चर बना सकते हैं। कुल योगदान PF, NPS और Superannuation में ₹7.5 लाख से अधिक नहीं होना चाहिए।

EPFO: अब कंपनी के शेयरधारक कर्मचारियों पर कोई अलग सीमा या शर्तें लागू नहीं होंगी।
Finance Bill 2026 में प्रस्ताव रखा गया है कि मान्यता प्राप्त प्रोविडेंट फंड के प्रावधानों को सरल और सुव्यवस्थित किया जाए। इसके साथ ही कर्मचारी योगदान जमा करने की तारीख में भी बदलाव करने का प्रस्ताव है, ताकि नियोक्ता उस योगदान को कर में छूट के रूप में आसानी से क्लेम कर सकें। यहां हमने फाइनेंस बिल 2026 के प्रमुख बदलावों के बारे में बताया है।
वर्तमान में प्रॉविडेंट फंड Income Tax Act, 2025 के Schedule XI के तहत नियंत्रित होते हैं। इस व्यवस्था में कई प्रतिबंध और जटिलताएं थीं, जैसे नियोक्ता योगदान पर पैरिटी-बेस्ड या प्रतिशत आधारित सीमाएं, कर्मचारी-शेयरहोल्डर्स के लिए अलग नियम और सरकारी सिक्योरिटीज में निवेश की सीमा। Finance Bill 2026 का प्रस्ताव है कि Schedule XI के कुछ प्रावधानों को हटाया या संशोधित किया जाए और इसे Employees’ Provident Funds and Miscellaneous Provisions Act, 1952 और EPF Scheme, 1952 के नियमों के अनुरूप किया जाए।
Budget 2026 के भाषण के अनुसार नियोक्ता योगदान पर लागू पैरिटी या परसेंटेज-बेस्ड सीमाएं हटा दी जाएंगी, वेतन-आधारित छूट और शेयरहोल्डर-आधारित अंतर समाप्त किया जाएगा, पहचान के लिए एलिजिबिलिटी को सेक्शन 17 के तहत छूट से जोड़ा जाएगा और निवेश नियमों में कठोर statutory caps को हटा दिया जाएगा।
अब नियोक्ता योगदान को ₹7.5 लाख प्रति वर्ष की सीमा के तहत रखा जाएगा। इससे पहले Schedule XI में कई प्रतिबंध थे। टैक्स शर्तें और प्रतिबंध हटा दिए गए हैं जिससे नियोक्ता अब अधिक लचीलापन के साथ अपनी कंपेंसेशन स्ट्रक्चर बना सकते हैं। कुल योगदान PF, NPS और Superannuation में ₹7.5 लाख से अधिक नहीं होना चाहिए।
कर्मचारियों के लिए कोई बदलाव नहीं है। वे अब भी ₹7.5 लाख तक का टैक्स-फ्री नियोक्ता योगदान प्राप्त करेंगे। Budget डॉक्यूमेंट के अनुसार नियोक्ता योगदान ₹7.5 लाख तक टैक्स-फ्री रहेगा और इससे अधिक योगदान Perquisite के रूप में माना जाएगा। Schedule XI के प्रावधान जो नियोक्ता योगदान को आय मानते थे, उन्हें हटा दिया गया है।
अब कंपनी के शेयरधारक कर्मचारियों पर कोई अलग सीमा या शर्तें लागू नहीं होंगी। पहले Schedule XI में शेयरधारक कर्मचारियों के लिए सख्त नियम थे, लेकिन अब उन्हें सामान्य कर्मचारी नियमों के अनुसार ही योगदान सीमा और अन्य प्रावधान लागू होंगे।
पहले PF के कम से कम 50% हिस्से को सरकारी सिक्योरिटीज में निवेश करना अनिवार्य था। अब ऐसी कोई कठोर सीमा नहीं है। निवेश नियम EPF फ्रेमवर्क और संबंधित कानूनों के तहत लागू रहेंगे।
Finance Minister ने प्रस्ताव रखा है कि कर्मचारी योगदान की तारीख भी ITR फाइलिंग की अंतिम तिथि तक बढ़ाई जाए। वर्तमान में नियोक्ता योगदान ITR फाइलिंग तक कर में डिडक्शन क्लेम के लिए स्वीकार किया जाता है, जबकि कर्मचारी योगदान संबंधित फंड की निर्धारित तारीख तक जमा करना जरूरी था। प्रस्तावित बदलाव से कर्मचारी योगदान भी ITR फाइलिंग डेट तक जमा किया जा सकेगा। इससे नियोक्ता और कर्मचारी योगदान का नियम समान हो जाएगा। यह बदलाव 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा।
पहले नियोक्ता और कर्मचारी योगदान की तारीखों में अंतर था, जिससे compliance में दिक्कत और भ्रम पैदा होता था। नए बदलाव से दोनों का नियम समान होगा और नियमों का पालन अधिक आसान और स्पष्ट हो जाएगा।
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