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  1. EPFO ने प्राइवेट प्रोविडेंट फंड ट्रस्ट के लिए इनकम टैक्स नियमों पर स्पष्टता का किया स्वागत, जानिए क्या होंगे बदलाव

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EPFO ने प्राइवेट प्रोविडेंट फंड ट्रस्ट के लिए इनकम टैक्स नियमों पर स्पष्टता का किया स्वागत, जानिए क्या होंगे बदलाव

Upstox

2 min read | अपडेटेड February 04, 2026, 18:15 IST

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सारांश

अब इनकम टैक्स एक्ट 2025 के तहत छूट केवल उन PF ट्रस्टों को मिलेगी, जिन्होंने EPF एक्ट की धारा 17 (Section 17) के तहत छूट प्राप्त की हो। धारा 17 के अनुसार योग्य नियोक्ता अपने PF खाते और फंड को खुद मैनेज कर सकते हैं और उन्हें हर महीने EPF रिटर्न फाइल करने की आवश्यकता नहीं होगी।

EPFO

अब EPF छूट EPF एक्ट के तहत तय होगी, जिससे टैक्स और लेबर कानूनों में बेहतर तालमेल होगा।

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने यूनियन बजट 2026–27 में पेश किए गए प्रस्ताव का स्वागत किया है। इसमें प्राइवेट प्रोविडेंट फंड (PF) ट्रस्टों के लिए इनकम टैक्स नियमों को सरल और स्पष्ट करने की योजना है। EPFO के अनुसार, यह कदम सभी हितधारकों के लिए फायदेमंद होगा।

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यह इनकम टैक्स प्रावधानों को Employees’ Provident Funds and Miscellaneous Provisions Act, 1952 (EPF एक्ट) के साथ मिलाता है। इसका मतलब यह है कि अब EPF छूट EPF एक्ट के तहत तय होगी, जिससे टैक्स और लेबर कानूनों में बेहतर तालमेल होगा। यहां बताया गया है कि इससे क्या बदलाव हैं।

छूट

अब इनकम टैक्स एक्ट 2025 के तहत छूट केवल उन PF ट्रस्टों को मिलेगी, जिन्होंने EPF एक्ट की धारा 17 (Section 17) के तहत छूट प्राप्त की हो। धारा 17 के अनुसार योग्य नियोक्ता अपने PF खाते और फंड को खुद मैनेज कर सकते हैं और उन्हें हर महीने EPF रिटर्न फाइल करने की आवश्यकता नहीं होगी।

निवेश नियम

PF निवेश अब भी EPF ढांचे और संबंधित नियमों के तहत नियंत्रित होंगे। खास बात यह है कि पहले लागू सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश की 50% की सीमा अब हटा दी गई है।

नियोक्ता का योगदान

नियोक्ता द्वारा दिया गया योगदान अब सालाना ₹7.5 लाख तक टैक्स-फ्री होगा। इसके ऊपर का योगदान Perquisite (सुविधा के रूप में) मानकर टैक्स लगाया जाएगा। कुल मिलाकर, बजट ने इनकम टैक्स एक्ट के तहत निवेश नियम और नियोक्ता योगदान की सीमा को EPF फ्रेमवर्क के अनुरूप कर दिया है।

क्यों है यह अहम

श्रम मंत्रालय ने कहा कि पहले इनकम टैक्स नियम और EPF एक्ट में अंतर होने के कारण भ्रम और अनावश्यक कानूनी विवाद पैदा होते थे। इसमें छूट की पात्रता, निवेश के तरीके और योगदान की सीमा जैसी बातें शामिल थीं। नए नियम इन असंगतियों को दूर करते हैं। पहचान प्राप्त प्रोविडेंट फंड अब Income Tax Act, 2025 की Schedule XI के तहत नियंत्रित होंगे।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को अपना नौवां लगातार बजट पेश किया। इस बजट में इनकम टैक्स स्लैब या दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया, लेकिन कई उपाय पेश किए गए ताकि टैक्सपेयर के लिए अनुपालन आसान और सुविधाजनक हो सके।

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लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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