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4 min read | अपडेटेड February 02, 2026, 15:24 IST
सारांश
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में आम आदमी की सहूलियत के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। अब इनकम टैक्स में गड़बड़ी मिलने पर जेल की सजा नहीं होगी। विदेश घूमना सस्ता होगा क्योंकि टीसीएस की दर घटा दी गई है। इसके अलावा, 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए टैक्स कानून से रिटर्न भरने की प्रक्रिया और आसान हो जाएगी।

बजट 2026 में हुए टैक्स और नीतिगत बदलावों से आम टैक्सपेयर को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट 2026 पेश कर दिया है। इस बजट के बाद आम आदमी यह गुणा-भाग लगाने में जुटा है कि आखिर उसकी जेब पर क्या असर पड़ा है। बजट में सरकार ने टैक्स नियमों को सरल बनाने से लेकर रोजमर्रा की चीजों के दाम घटाने तक कई ऐसे फैसले लिए हैं, जो सीधे तौर पर आपकी मासिक बचत और खर्च को प्रभावित करते हैं। अगर आप बजट की भारी-भरकम शब्दावली में उलझ गए हैं, तो हम आपको आसान भाषा में उन 5 बड़े फैसलों के बारे में बता रहे हैं, जिनका वास्ता सीधे आपसे है।
बजट का सबसे बड़ा और दूरगामी फैसला इनकम टैक्स कानून में बदलाव का है। वित्त मंत्री ने एलान किया है कि 1 अप्रैल 2026 से देश में एक नया और बेहद सरल नियम लागू किया जाएगा। अब 'इनकम टैक्स एक्ट 2025' को मंजूरी दे दी गई है। इसका मकसद टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की प्रक्रिया को इतना आसान बनाना है कि आम आदमी बिना किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट की मदद के भी अपना टैक्स भर सके। सरकार का मानना है कि पुराने और जटिल कानूनों की वजह से लोगों को समय पर रिटर्न भरने में दिक्कत होती थी, जिसे अब खत्म किया जाएगा। यह फैसला आने वाले समय में आपकी ITR फाइलिंग के अनुभव को पूरी तरह बदल देगा।
टैक्स जमा करते समय कई बार अनजाने में गलती हो जाती है, जिसे लेकर लोगों के मन में हमेशा डर बना रहता था। बजट 2026 में इस डर को खत्म कर दिया गया है। सरकार ने फैसला किया है कि अब इनकम टैक्स छिपाने या हिसाब-किताब में गड़बड़ी मिलने पर किसी को जेल की सजा नहीं होगी। ऐसे मामलों को अब सिर्फ जुर्माना भरकर निपटाया जा सकेगा। यह कदम छोटे व्यापारियों और वेतनभोगी वर्ग के लिए बहुत बड़ी राहत है, क्योंकि अब वे बिना किसी कानूनी पचड़े के डर के अपना काम कर सकेंगे।
अगर आप विदेश घूमने का शौक रखते हैं, तो यह बजट आपके लिए खुशखबरी लाया है। सरकार ने विदेश यात्रा पर लगने वाले टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स यानी टीसीएस (TCS) को घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया है। पहले यह दर ज्यादा होने की वजह से विदेश जाने का बजट बिगड़ जाता था। टीसीएस घटने से अब विदेशी टूर पैकेज सस्ते होंगे और आपके हाथ में खर्च करने के लिए ज्यादा पैसा बचेगा। यह फैसला मिडिल क्लास परिवारों को ध्यान में रखकर लिया गया है जो छुट्टियों में बाहर जाने की योजना बनाते हैं।
आपकी रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाली कई चीजों के दाम घटने वाले हैं। सरकार ने मोबाइल फोन, चार्जर और इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बैटरी पर सीमा शुल्क (Customs Duty) कम कर दिया है, जिससे ये सामान सस्ते होंगे। स्वास्थ्य के मोर्चे पर भी बड़ी राहत दी गई है, क्योंकि कैंसर और डायबिटीज की कुछ जीवनरक्षक दवाएं अब कम दाम पर मिलेंगी। दूसरी ओर, अगर आप सिगरेट पीते हैं या विदेशी शराब के शौकीन हैं, तो आपको अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी क्योंकि सरकार ने इन पर टैक्स बढ़ा दिया है।
शेयर बाजार में पैसा लगाने वालों, खास तौर पर फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) में ट्रेडिंग करने वालों के लिए बजट थोड़ा सख्त रहा है। सरकार ने डेरिवेटिव ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ा दिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब ट्रेडिंग करना महंगा हो जाएगा। सरकार का मकसद रिटेल निवेशकों को बहुत ज्यादा जोखिम लेने से रोकना है, लेकिन इसका असर यह होगा कि आपकी हर ट्रेड पर लागत बढ़ जाएगी। इसलिए अब बाजार में पैसा लगाते समय आपको ज्यादा सतर्क रहना होगा।
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