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3 min read | अपडेटेड May 09, 2025, 15:54 IST
सारांश
AMFI के ताजा डेटा के मुताबिक अप्रैल के महीने में भारत में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में ₹24,269.26 करोड़ का नेट इन्फ्लो दर्ज किया गया। इस साल की शुरुआत से ही म्यूचुअल फंड्स में इन्फ्लो में गिरावट दर्ज की जा रही है। पिछले साल दिसंबर 2024 से तुलना करें तो अप्रैल 2025 में ये 41% कम रह गए। दिसंबर 2024 में ये ₹41,155.91 करोड़ पर पहुंच गए थे।
लगातार चार महीने से इक्विटी Mutual funds की आवक में देखी जा रही है कमी।
इसके पहले मार्च में यह ₹25,082.01 करोड़ था। यानी अप्रैल में इसमें 3.24% की कमी आई है। अप्रैल में शेयर बाजार की हालत बेहतर होने के बावजूद म्यूचुअल फंड में आवक कम रहा है। अप्रैल में NSE NIFTY 50 5% और BSE SENSEX 5.5% ऊपर पहुंचा था लेकिन इक्विटी MF में फिर भी गिरावट का दौर रहा।
गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत से ही म्यूचुअल फंड्स में इन्फ्लो में गिरावट दर्ज की जा रही है। पिछले साल दिसंबर 2024 से तुलना करें तो अप्रैल 2025 में ये 41% कम रह गए। दिसंबर 2024 में ये ₹41,155.91 करोड़ पर पहुंच गए थे।
AMFI के डेटा में पता चला है कि गोल्ड ईटीएफ (gold ETFs) में आवक मार्च में ₹77.21 करोड़ गिरने के बाद अप्रैल में भी नीचे खिसकती नजर आई और अप्रैल में नेट आउटफ्लो ₹5.82 करोड़ रहे। दूसरे ETFs में आवक ₹19,056.66 करोड़ रही जो मार्च के महीने से 73.8% ज्यादा है। मार्च में ये ₹10,961.74 करोड़ था।
वहीं, सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान की बात करें तो अप्रैल में ये ₹26,632 करोड़ रहे जो किसी भी एक महीने के लिए सबसे ज्यादा है। इसके पहले मार्च में ये ₹25,926 करोड़ था।
लार्ज कैप फंड्स में ज्यादा आवक दर्ज की गई जबकि स्मॉल कैप फंड्स में गिरावट नजर आई। अप्रैल में लार्ज कैप फंड्स में इनफ्लो मार्च के ₹2,479.31 करोड़ से बढ़कर ₹2,671.46 करोड़ पर पहुंच गया जबकि स्मॉल कैप फंड्स में इनफ्लो ₹4,092.12 करोड़ से घटकर ₹3,999.95 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, मल्टीकैप फंड्स में भी मार्च की तुलना में गिरावट दर्ज की गई। ये मार्च में ₹2,752.98 करोड़ था और अप्रैल में ₹2,551.71 करोड़ रह गया।
इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (Equity Linked Saving Schemes, ELSS) की बात करें तो यहां भी अप्रैल के महीने में गिरावट रही। मार्च के ₹735.38 करोड़ की तुलना में अप्रैल में ये ₹372 करोड़ पर रहा।
हालांकि, नेट आवक में गिरावट के बावजूद म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की अप्रैल में ग्रोथ दर्ज की गई। Assets under management (AUM) सबसे उच्चस्तर ₹70 लाख करोड़ पहुंचे जो मार्च से 6.4% ज्यादा रहा।
डेट फंड में भी समीक्षाधीन महीने में ₹2.19 लाख करोड़ का निवेश हुआ, जबकि मार्च में ₹2.02 लाख करोड़ की निकासी हुई थी। कुल मिलाकर, म्यूचुअल फंड उद्योग में अप्रैल में ₹2.77 लाख करोड़ का निवेश हुआ, जबकि मार्च में ₹1.64 लाख करोड़ की निकासी हुई थी।
पीटीआई-भाषा के मुताबिक मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के असोसिएट निदेशक-प्रबंधक शोध हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि हालांकि यह मार्च के 25,082 करोड़ रुपये की तुलना में 3.24 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्शाता है, लेकिन प्रवाह की मात्रा महत्वपूर्ण बनी हुई है।
खासकर चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिदृश्य और 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत व पाकिस्तान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव की पृष्ठभूमि में।
इक्विटी फंड श्रेणियों में, फ्लेक्सी कैप फंड में अप्रैल में सबसे अधिक 5,542 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। हालांकि, इक्विटी से जुड़ी बचत योजनाओं से 372 करोड़ रुपये की निकासी दर्ज की गई।
अप्रैल में मिड-कैप और स्मॉल-कैप म्यूचुअल फंडों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही, जिसमें क्रमशः 3,314 करोड़ रुपये और 4,000 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। मार्च में 2,479 करोड़ रुपये की तुलना में लार्ज-कैप फंड को 2,671 करोड़ रुपये मिले।
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