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NMDC Q3 Results: रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद मुनाफे में गिरावट क्यों? दिसंबर तिमाही के नतीजों में सामने आई जानकारी

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड February 03, 2026, 15:27 IST

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सारांश

देश की सबसे बड़ी लौह अयस्क उत्पादक कंपनी NMDC ने अपने तिमाही नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का मुनाफा 8 फीसदी घटकर 1,747 करोड़ रुपये रह गया है। हालांकि, कंपनी की कमाई में 16 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। बढ़ते खर्चों की वजह से कंपनी के मुनाफे पर दबाव देखने को मिला है।

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NMDC Ltd q3

एनएमडीसी के लिए दिसंबर तिमाही मिली-जुली रही है।

भारत की सबसे बड़ी लौह अयस्क (आयरन ओर) उत्पादक कंपनी एनएमडीसी ने मंगलवार, 3 फरवरी को अपने दिसंबर तिमाही (Q3FY26) के वित्तीय नतीजों का ऐलान कर दिया है। सरकारी क्षेत्र की इस दिग्गज माइनिंग कंपनी के लिए यह तिमाही मिले-जुले संकेतों वाली रही है। कंपनी ने अपनी कमाई यानी रेवेन्यू में तो अच्छी खासी बढ़ोतरी दर्ज की है, लेकिन मुनाफे के मोर्चे पर उसे निराशा हाथ लगी है। कंपनी द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस तिमाही में एनएमडीसी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा पिछले साल के मुकाबले 8 फीसदी घट गया है। कंपनी ने बताया कि परिचालन खर्चों यानी ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस में हुई बढ़ोतरी के कारण उसके मुनाफे पर असर पड़ा है।

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मुनाफे में गिरावट और खर्च का बोझ

दिसंबर में खत्म हुई तिमाही में एनएमडीसी का शुद्ध मुनाफा 1,747 करोड़ रुपये रहा है। अगर हम इसकी तुलना पिछले साल की इसी तिमाही से करें, तो तब कंपनी ने 1,896 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। यानी एक साल के अंदर कंपनी के मुनाफे में करीब 150 करोड़ रुपये की कमी आई है। कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती उसका बढ़ता हुआ खर्च रहा है।

रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि हायर ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस की वजह से कंपनी का प्रॉफिट मार्जिन दबाव में आया है। जब किसी कंपनी का खर्च उसकी कमाई के अनुपात में तेजी से बढ़ता है, तो उसका सीधा असर उसकी बॉटम लाइन यानी शुद्ध मुनाफे पर पड़ता है, और एनएमडीसी के साथ भी इस बार यही हुआ है।

रेवेन्यू में शानदार उछाल

भले ही मुनाफे में कमी आई हो, लेकिन कंपनी ने बिक्री और कमाई के मामले में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। समीक्षाधीन तिमाही के दौरान एनएमडीसी का 'रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस' यानी कामकाज से होने वाली आय 16 फीसदी बढ़कर 7,610 करोड़ रुपये हो गई है। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 6,567 करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया था। रेवेन्यू में यह दो अंकों की वृद्धि यह दर्शाती है कि बाजार में कंपनी के लौह अयस्क की मांग मजबूत बनी हुई है और कंपनी ने उत्पादन और बिक्री के मोर्चे पर अच्छा काम किया है। यह निवेशकों के लिए एक राहत की बात हो सकती है कि कंपनी का टॉप लाइन ग्रोथ यानी रेवेन्यू का आंकड़ा मजबूत है।

कामकाजी मुनाफे और मार्जिन पर दबाव

मुनाफे की तरह ही कंपनी के कामकाजी मुनाफे यानी एबिटा (EBITDA) में भी गिरावट दर्ज की गई है। ऑपरेटिंग लेवल पर कंपनी का एबिटा 9.6 फीसदी घटकर 2,144.3 करोड़ रुपये रह गया है। पिछले साल इसी तिमाही में यह आंकड़ा 2,372 करोड़ रुपये था। एबिटा का गिरना यह संकेत देता है कि कंपनी की परिचालन दक्षता पर लागत का दबाव है। इसके अलावा, कंपनी के मार्जिन में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है। एनएमडीसी का EBITDA मार्जिन सालाना आधार पर 790 बेसिस प्वाइंट घटकर 28.2 फीसदी रह गया है। मार्जिन का इतना गिरना यह बताता है कि कंपनी को अपनी लागत को नियंत्रित करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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