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मार्केट न्यूज़

LIC Q3 Results: मुनाफा 17% उछलकर ₹12930 करोड़ पर पहुंचा, नेट प्रीमियम इनकम में भी 17% की बढ़ोतरी

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड February 05, 2026, 19:26 IST

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सारांश

LIC Q3 Results: तिमाही के दौरान LIC की नेट प्रीमियम इनकम 17.4 फीसदी बढ़कर ₹1.26 लाख करोड़ हो गई। कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) भी 8% बढ़कर ₹59.17 लाख करोड़ हो गया। इसका सॉल्वेंसी रेश्यो 2.19% रहा, जो पिछले साल 2.02% था।

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LIC Q3 Results

LIC Q3 Results: कंपनी के शेयरों में आज 0.65 फीसदी की तेजी रही और यह स्टॉक BSE पर 840.45 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बंद हुआ।

LIC Q3 Results: देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) ने आज 5 फरवरी को FY26 की तीसरी तिमाही के नतीजे घोषित कर दिए हैं। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 17 फीसदी बढ़कर 12,930 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। इसके पहले Q3 FY25 में 11008.65 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट रिपोर्ट किया गया था। कंपनी के शेयरों में आज 0.65 फीसदी की तेजी रही और यह स्टॉक BSE पर 840.45 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बंद हुआ। इसका मार्केट कैप 5.31 लाख करोड़ रुपये है।
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नेट प्रीमियम इनकम 17.4 फीसदी बढ़ी

तिमाही के दौरान LIC की नेट प्रीमियम इनकम 17.4 फीसदी बढ़कर ₹1.26 लाख करोड़ हो गई। कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) भी 8% बढ़कर ₹59.17 लाख करोड़ हो गया। इसका सॉल्वेंसी रेश्यो 2.19% रहा, जो पिछले साल 2.02% था। पॉलिसी बिक्री की बात करें तो चालू वित्त वर्ष के पहले 9 महीनों में LIC ने करीब 1.16 करोड़ व्यक्तिगत पॉलिसियां बेचीं, जो पिछले साल की तुलना में थोड़ा कम है। इसमें करीब 0.40% की मामूली गिरावट दर्ज की गई।

कैसे रहे LIC के नतीजे

एनुअलाइज्ड प्रीमियम इक्विवेलेंट यानी APE के हिसाब से 9 महीनों में कुल प्रीमियम 44,007 करोड़ रुपये रहा। इसमें से करीब 62% हिस्सा व्यक्तिगत कारोबार से आया, जबकि बाकी करीब 37% ग्रुप बिजनेस से मिला। व्यक्तिगत कारोबार में पार प्रोडक्ट्स का हिस्सा करीब 63% रहा, जबकि नॉन-पार प्रोडक्ट्स का योगदान लगभग 36% रहा। खास बात यह रही कि नॉन-पार प्रोडक्ट्स का कारोबार तेजी से बढ़ा और इसमें करीब 47% की जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की गई।

नए कारोबार से मिलने वाली वैल्यू यानी वैल्यू ऑफ न्यू बिजनेस 9 महीनों में बढ़कर 8,288 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल इसी अवधि में 6,477 करोड़ रुपये थी। यानी इसमें लगभग 28% की बढ़ोतरी हुई। साथ ही कंपनी का नेट वीएनबी मार्जिन भी सुधरकर 18.8% हो गया है।

फाइनेंशियल स्थिति भी मजबूत

LIC की फाइनेंशियल स्थिति भी मजबूत हुई है। सॉल्वेंसी रेशियो बढ़कर 2.19 हो गया है, जो बताता है कि कंपनी अपने दावों को चुकाने की अच्छी स्थिति में है। वहीं कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट बढ़कर करीब 59.16 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है, जो सालाना आधार पर लगभग 8% ज्यादा है। इसके अलावा खर्चों पर भी कंट्रोल देखने को मिला। दिसंबर तक के 9 महीनों में LIC का कुल खर्च अनुपात घटकर 11.65% रह गया, जबकि पिछले साल यह करीब 13% था।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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लेखकों के बारे में

Shubham Singh Thakur
Shubham Singh Thakur is a business journalist with a focus on stock market and personal finance. An alumnus of the Indian Institute of Mass Communication (IIMC), he is passionate about making financial topics accessible and relevant for everyday readers.

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