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4 min read | अपडेटेड February 05, 2026, 14:09 IST
सारांश
गोदरेज प्रॉपर्टीज ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के शुद्ध मुनाफे में सालाना आधार पर करीब 22.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, इस दौरान कंपनी के ऑपरेशनल रेवेन्यू में गिरावट देखी गई है। कंपनी ने मुश्किल बाजार में भी अपने मार्जिन को बेहतर बनाए रखा है।

गोदरेज प्रॉपर्टीज ने रेवेन्यू में कमी के बाद भी मुनाफे में शानदार बढ़त दर्ज की है।
रियल एस्टेट सेक्टर की दिग्गज कंपनी गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड ने गुरुवार को अपने तीसरी तिमाही के कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 5 फरवरी 2026 को हुई बैठक में इन नतीजों को मंजूरी दी। इन परिणामों के मुताबिक, कंपनी ने मुनाफे के मामले में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। दिसंबर 2025 को खत्म हुई तिमाही में कंपनी का टैक्स के बाद शुद्ध मुनाफा (PAT) बढ़कर 193.87 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। अगर इसकी तुलना पिछले साल की इसी तिमाही से की जाए, तो तब कंपनी ने 158.20 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। इस तरह कंपनी के मुनाफे में सालाना आधार पर करीब 22.5 प्रतिशत की एक बड़ी और सराहनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह बढ़त दिखाती है कि कंपनी अपनी लागत को नियंत्रित करने और बेहतर प्रोजेक्ट मैनेजमेंट में सफल रही है।
हालांकि मुनाफे के मोर्चे पर कंपनी ने बढ़त बनाई है, लेकिन ऑपरेशन से होने वाले रेवेन्यू में इस बार कमी देखी गई है। अक्टूबर-दिसंबर 2025 की तिमाही में गोदरेज प्रॉपर्टीज का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस 498.36 करोड़ रुपये रहा है। पिछले साल की समान तिमाही में यह आंकड़ा 968.88 करोड़ रुपये के काफी ऊंचे स्तर पर था। यानी रेवेन्यू में इस बार करीब 48 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई है। इसके बावजूद, कंपनी की कुल आय यानी टोटल इनकम को 'अन्य आय' (Other Income) से बड़ा सहारा मिला है। इस तिमाही में कंपनी की अन्य आय बढ़कर 535.48 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल केवल 271.09 करोड़ रुपये थी। इसी वजह से कंपनी की कुल आय 1,033.84 करोड़ रुपये के सम्मानजनक स्तर पर बनी रही।
नतीजों में सबसे सकारात्मक पहलू कंपनी के मार्जिन में सुधार होना रहा है। गोदरेज प्रॉपर्टीज का एडजस्टेड इबिटा (Adjusted EBITDA) मार्जिन इस तिमाही में सुधरकर 34.40 प्रतिशत पर पहुंच गया है। पिछले साल इसी अवधि में यह मार्जिन केवल 25.26 प्रतिशत के स्तर पर था। मार्जिन में आई यह करीब 9 प्रतिशत की बढ़त कंपनी की कार्यक्षमता को दर्शाती है। इसके साथ ही कंपनी का नेट प्रॉफिट मार्जिन भी 19.02 प्रतिशत दर्ज किया गया है। रियल एस्टेट सेगमेंट से कंपनी को 466.34 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिला है, जबकि हॉस्पिटैलिटी सेगमेंट ने 32.02 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। दोनों ही क्षेत्रों में कंपनी ने अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखने की कोशिश की है।
कंपनी के खर्चों की बात करें तो इस तिमाही में कुल खर्च 743.70 करोड़ रुपये रहे हैं। पिछले साल यह खर्च 1,001.43 करोड़ रुपये के करीब थे। खर्चों में आई इस कमी ने भी मुनाफे को बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है। हालांकि, सरकार द्वारा लागू किए गए नए लेबर कोड 2019 के कारण कंपनी पर कुछ अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। कंपनी ने इसे 'एक्सेप्शनल आइटम' के तौर पर दिखाया है, जिसकी कुल राशि 21.08 करोड़ रुपये है। यह राशि कर्मचारियों के फायदों और अन्य देनदारियों से जुड़ी है। इसके अलावा कंपनी का फाइनेंस कॉस्ट यानी ब्याज का खर्च इस तिमाही में घटकर 31.03 करोड़ रुपये रह गया है, जो पिछले साल 42.41 करोड़ रुपये था।
गोदरेज प्रॉपर्टीज के एग्जीक्यूटिव चेयरपर्सन पिरोजशा गोदरेज के नेतृत्व में कंपनी अब अपने प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने और नए प्रोजेक्ट्स को लॉन्च करने पर ध्यान दे रही है। कंपनी के पास फिलहाल एक बड़ी और मजबूत प्रोजेक्ट पाइपलाइन है। हालांकि रेवेन्यू में इस बार थोड़ी नरमी दिखी है, लेकिन यह अक्सर रियल एस्टेट सेक्टर में प्रोजेक्ट्स के पूरा होने और उनकी बुकिंग के हिसाब से बदलता रहता है। निवेशकों के लिए अच्छी बात यह है कि कंपनी का नेट वर्थ बढ़कर 18,506.57 करोड़ रुपये हो गया है। साथ ही, कंपनी का डेट-इक्विटी रेश्यो भी नियंत्रण में नजर आ रहा है। आने वाली तिमाहियों में नए प्रोजेक्ट्स के रेवेन्यू जुड़ने से आय में फिर से बड़ी तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
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