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  1. शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली, जनवरी में अब तक 27,454 करोड़ रुपये निकाले

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शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली, जनवरी में अब तक 27,454 करोड़ रुपये निकाले

Upstox

3 min read | अपडेटेड January 25, 2026, 15:07 IST

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सारांश

जनवरी में भारतीय शेयर बाजार से विदेशी संस्थागत निवेशकों (FPI) ने भारी निकासी की है। आंकड़ों के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने अब तक कुल 27,454 करोड़ रुपये बाजार से निकाले हैं। अकेले इक्विटी सेगमेंट से 33,518 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की गई है, जिससे बाजार में सुस्ती का माहौल है।

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विदेशी निवेशकों की बिकवाली के चलते शेयर बाजार के ग्राफ में गिरावट दर्ज की गई है।

भारतीय शेयर बाजार के लिए नए साल की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है। जनवरी महीने के शुरुआती आंकड़ों ने बाजार के जानकारों की चिंता बढ़ा दी है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FPI) ने भारतीय बाजार से बड़ी मात्रा में अपनी कैपिटल वापस खींच ली है। आधिकारिक आंकड़ों से यह साफ पता चलता है कि विदेशी निवेशकों का भरोसा फिलहाल भारतीय इक्विटी मार्केट पर कुछ कमजोर पड़ा है। इस भारी निकासी का सीधा असर बाजार की चाल और निवेशकों के उत्साह पर देखने को मिल रहा है। बाजार में छाई यह सुस्ती आने वाले दिनों के लिए बड़े संकेत दे रही है।

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इक्विटी बाजार से भारी निकासी

आंकड़ों पर गौर करें तो जनवरी महीने में अब तक एफपीआई ने भारतीय बाजार से कुल 27,454 करोड़ रुपये की निकासी की है। सबसे ज्यादा असर इक्विटी यानी शेयर बाजार वाले हिस्से पर पड़ा है। विदेशी निवेशकों ने सिर्फ इक्विटी सेगमेंट से 33,518 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की है। शुद्ध बिकवाली का सीधा अर्थ यह है कि निवेशकों ने भारतीय कंपनियों के जितने शेयर खरीदे, उससे कहीं अधिक मूल्य के शेयर बाजार में बेच दिए। यह बिकवाली दिखाती है कि विदेशी फंड हाउस फिलहाल भारतीय बाजार से अपना मुनाफा वसूलने या जोखिम कम करने में जुटे हैं।

डेट और म्यूचुअल फंड का क्या है हाल?

भले ही इक्विटी बाजार से विदेशी निवेशकों ने दूरी बनाई हो, लेकिन उन्होंने पूरी तरह से भारतीय बाजार का साथ नहीं छोड़ा है। सुरक्षित निवेश के तौर पर देखे जाने वाले डेट सेगमेंट में एफपीआई की मौजूदगी बनी रही। जनवरी के दौरान उन्होंने डेट सेगमेंट में 5,538 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इसके अलावा हाइब्रिड माध्यमों में लगभग 23.68 करोड़ रुपये और म्यूचुअल फंड के जरिए 626 करोड़ रुपये का निवेश आया है।

लगातार जारी है बिकवाली का दौर

बाजार से पैसा निकालने का यह सिलसिला नया नहीं है। पिछले कुछ समय से विदेशी निवेशक लगातार भारतीय बाजार से बाहर निकल रहे हैं। बीते दिसंबर 2025 में भी एफपीआई ने भारतीय बाजार से 38,721 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की थी। अगर पूरे पिछले साल के आंकड़ों को देखें, तो विदेशी निवेशकों ने कुल मिलाकर 83,972 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की थी। लगातार हो रही यह निकासी बाजार के लिए एक चुनौतीपूर्ण संकेत है। साल की शुरुआत में ही इतनी बड़ी रकम का बाहर जाना यह बताता है कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक फिलहाल भारतीय बाजार को लेकर थोड़े सतर्क हैं।

जनवरी में हुई इस गिरावट ने यह साफ कर दिया है कि विदेशी निवेशकों की नजर वैश्विक और घरेलू दोनों परिस्थितियों पर है। हालांकि डेट और म्यूचुअल फंड में हुई मामूली खरीदारी ने कुछ हद तक सहारा दिया है, लेकिन इक्विटी सेगमेंट से लगातार हो रही निकासी बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। आने वाले महीनों में घरेलू आर्थिक नीतियों और वैश्विक संकेतों के आधार पर यह तय होगा कि विदेशी निवेशक दोबारा भारतीय बाजार में लौटते हैं या नहीं। फिलहाल बाजार की नजर बजट और कंपनियों के आने वाले प्रदर्शन पर टिकी हुई है।

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लेखकों के बारे में

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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