मार्केट न्यूज़

3 min read | अपडेटेड February 02, 2026, 14:07 IST
सारांश
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में तकनीक और मैन्युफैक्चरिंग पर जोर दिया है। इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स स्कीम के लिए 40,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। साथ ही सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और क्रिटिकल मिनरल कॉरिडोर बनाने जैसे बड़े ऐलान किए गए हैं, जिससे आर्थिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
सेमीकंडक्टर मिशन को बढ़ावा देने की घोषणा की गई।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में बजट पेश करते हुए तकनीक, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को देश के आर्थिक विकास के लिए एक बड़ा हथियार बताया है। सरकार का मानना है कि आधुनिक तकनीकें विकास की रफ्तार को कई गुना बढ़ाने का काम कर सकती हैं। अपने भाषण के दौरान उन्होंने विकास के तीन मुख्य कर्तव्यों पर जोर दिया और बताया कि सरकार कैसे हर परिवार, समुदाय और क्षेत्र तक संसाधनों की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है।
सरकार ने देश में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए 'इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम' के बजट में भारी बढ़ोतरी की है। इसके लिए अब कुल 40,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा जल्द ही इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0 की शुरुआत की जाएगी। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य भारत में ही उपकरण और सामग्री तैयार करना है, जिससे देश के पास अपनी बौद्धिक संपदा यानी इंडियन आईपी हो सके। यह मिशन डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन के तहत एक विशेष इकाई के रूप में काम करेगा और देश में डिस्प्ले इकोसिस्टम को मजबूत बनाएगा।
पोलो एलिवेटर्स के चेयरमैन उमंग बंसल ने बजट 2026 को मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए दूरदर्शी बताया है। उन्होंने 10,000 करोड़ रुपये के SME ग्रोथ फंड और MSME को ग्लोबल लेवल पर ले जाने के सरकारी फोकस की सराहना की है। उनके अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स स्कीम को 40,000 करोड़ रुपये तक बढ़ाना और कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट के लिए नई योजनाएं लाना इनोवेशन और सप्लाई-चेन को मजबूत करेगा। यह बजट शहरों के विकास और भारत की 7 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य को हासिल करने में मददगार साबित होगा।
वित्त मंत्री ने देश के विकास के लिए तीन कर्तव्यों का जिक्र किया जो प्रेरणा के स्रोत हैं। पहला कर्तव्य आर्थिक विकास को तेज करना और उसे लगातार बनाए रखना है। दूसरा कर्तव्य लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमता का विकास करना है। तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण कर्तव्य यह सुनिश्चित करना है कि हर परिवार और क्षेत्र के पास संसाधनों की बराबर पहुंच हो। उन्होंने 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र को सरकार का तीसरा कर्तव्य बताया और कहा कि अब तक 350 से ज्यादा आर्थिक सुधार लागू किए जा चुके हैं और यह सुधार एक्सप्रेस अपनी मंजिल की ओर बढ़ रही है।
स्टेटिक के फाउंडर और CEO अक्षित बंसल ने बजट 2026 को "आत्मनिर्भर भारत" की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। उनके अनुसार, घरेलू रेयर अर्थ मैग्नेट उत्पादन को बढ़ावा देने से चीन पर निर्भरता कम होगी और EV मैन्युफैक्चरिंग सस्ती होगी। उन्होंने टायर 2 और टायर 3 शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर और सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 पर सरकार के फोकस की भी सराहना की है। हालांकि, उन्होंने मांग की है कि EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर GST को घटाकर 5% किया जाना चाहिए ताकि नेशनल ग्रिड बनाने में तेजी आ सके।
बजट में ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे राज्यों के लिए विशेष घोषणाएं की गई हैं। इन राज्यों में क्रिटिकल मिनरल यानी महत्वपूर्ण खनिज सुविधाएं और गलियारे स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा तमिलनाडु में रेयर अर्थ कॉरिडोर बनाने में भी सरकार पूरा सहयोग देगी। सरकार का लक्ष्य छह प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देना है। इन क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग, रणनीतिक और फ्रंटियर सेक्टर, स्वास्थ्य सेवा और उन्नत तकनीक शामिल हैं। इन सुधारों के जरिए सरकार बुनियादी ढांचे को और भी ज्यादा आधुनिक और मजबूत करने का प्रयास कर रही है।
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