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Adani Ports Q3 Results: दिसंबर तिमाही में 21% बढ़ा नेट प्रॉफिट, रेवेन्यू में भी 22% का उछाल

Upstox

3 min read | अपडेटेड February 03, 2026, 16:12 IST

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सारांश

Adani Ports Q3 Results: अदाणी पोर्ट्स का ऑपरेशन से रेवेन्यू 21.86 फीसदी बढ़कर ₹9704.59 करोड़ हो गया है। एक साल पहले की तीसरी तिमाही में कंपनी को ₹7963.55 करोड़ का मुनाफा हुआ था। कंपनी के शेयरों में आज 9.10 फीसदी की तेजी नजर आ रही है।

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Adani ports

अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में Adani ports का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना 21.16% की बढ़ोतरी के साथ ₹3053.61 करोड़ हो गया है।

Adani Ports Q3 Results: अदाणी ग्रुप की कंपनी अदाणी पोर्ट्स ने आज 03 फरवरी को FY26 की तीसरी तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना 21.16% की बढ़ोतरी के साथ ₹3053.61 करोड़ हो गया है। पिछले फाइनेंशियल ईयर की अक्टूबर-दिसंबर अवधि में कंपनी ने ₹2520.26 करोड़ का मुनाफा कमाया था। कंपनी के शेयरों में आज 9.10 फीसदी की तेजी नजर आ रही है और यह स्टॉक BSE पर 1,530.40 रुपये प्रति शेयर के भाव पर ट्रेड कर रहा है।
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अदाणी पोर्ट्स का ऑपरेशन से रेवेन्यू 21.86 फीसदी बढ़कर ₹9704.59 करोड़ हो गया है। एक साल पहले की तीसरी तिमाही में कंपनी को ₹7963.55 करोड़ का मुनाफा हुआ था।

कैसे रहे नतीजे

दिसंबर तिमाही में अडानी पोर्ट्स का ऑपरेशनल प्रदर्शन मजबूत रहा। कंपनी का EBITDA यानी ऑपरेटिंग मुनाफा 21% बढ़कर ₹5,804 करोड़ पहुंच गया। वहीं EBITDA मार्जिन 59.8% रहा, जो पिछले साल इसी तिमाही में 60.3% था, यानी मार्जिन में हल्की गिरावट आई, लेकिन मुनाफा तेजी से बढ़ा।

कंपनी के होल-टाइम डायरेक्टर और CEO अश्विनी गुप्ता ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट यूटिलिटी होने के नाते APSEZ ने एक बार फिर मजबूत और स्थिर प्रदर्शन दिखाया है। उन्होंने बताया कि कंपनी के चारों बिजनेस सेक्टर में लगातार अच्छी ग्रोथ रही है और NQXT के अधिग्रहण से भी फायदा मिला है। इसी वजह से कंपनी ने FY26 (वित्त वर्ष 2026) के लिए अपने EBITDA अनुमान की ऊपरी सीमा ₹800 करोड़ बढ़ा दी है।

गुप्ता ने यह भी कहा कि NQXT खरीदने के बाद भी कंपनी पर कर्ज का दबाव नहीं बढ़ा है, यानी लेवरेज पहले जैसा ही बना हुआ है। इससे साफ होता है कि कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत है और पूंजी निवेश में अनुशासन बना हुआ है।

इस तिमाही में एक बड़ी उपलब्धि यह रही कि मुंद्रा पोर्ट भारत का पहला और दुनिया के चुनिंदा पोर्ट्स में शामिल हो गया, जहां पूरी तरह भरा हुआ Very Large Crude Carrier (VLCC) जहाज सीधे जेट्टी पर लगा। इससे तेल की ढुलाई लागत काफी कम हो गई।

NQXT ऑस्ट्रेलिया का अधिग्रहण भी पूरा

अडानी पोर्ट्स ने NQXT ऑस्ट्रेलिया का अधिग्रहण भी पूरा कर लिया है। फिलहाल इसकी क्षमता 50 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) है। कंपनी ने बताया कि NQXT एक हाई-ग्रोथ और कैश कमाने वाला एसेट है, जो ईस्ट-वेस्ट ट्रेड कॉरिडोर पर APSEZ के अंतरराष्ट्रीय कारोबार को और मजबूत करेगा।

इसके अलावा कंपनी ने विझिंजम पोर्ट (Vizhinjam Port) के फेज-2 निर्माण का काम शुरू कर दिया है, जो दिसंबर 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद पोर्ट की क्षमता मौजूदा 1.6 मिलियन TEUs से बढ़कर 5.7 मिलियन TEUs हो जाएगी।

अडानी पोर्ट्स ने मदरसन ग्रुप (Motherson Group) के साथ मिलकर डिघी पोर्ट पर ऑटो एक्सपोर्ट के लिए एक खास सुविधा शुरू की है। यहां नया RoRo (Roll On Roll Off) टर्मिनल बनाया गया है, जो मुंबई-पुणे ऑटो बेल्ट के निर्यातकों के लिए हर साल 2 लाख कारें संभाल सकेगा।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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